पानी इतना जरूरी क्यों है: ज्यादा या कम पीने से हो सकता है भारी नुकसान

पानी इतना जरूरी क्यों है : ज्यादा या कम पीने से हो सकता है भारी नुकसान

दोस्तों हम लोग पानी को बहुत ही साधारण समझते हैं या दिखने में जितना साधारण लगता है उतना साधारण ये होता नहीं है। लोग यह सोचते हैं कि हम पानी को जितना चाहे जब चाहे जैसे चाहे पी सकते हैं परंतु यह सोचना हमारे लिए गलत है।

इस पोस्ट के द्वारा हम आप सभी को पानी शरीर के लिए कितना जरूरी है एक दिन में हमें कितना पानी पीना चाहिए पानी पीने का सही तरीका क्या है पानी कब पीना है और कब नहीं पीना है हमारे शरीर में पानी की कमी को कैसे पता लगाएं वजन घटाने या बढ़ाने में कैसे मदद करता है पानी ज्यादा या कम पानी पीने से शरीर को क्या नुकसान है। इन सब सवालों के विषय में विस्तार से जानकारी देंगे।


पानी शरीर के लिए इतना जरूरी क्यों है?

हमारे शरीर में 70 पर्सेंट पानी होता है फिर भी हमें हर मौसम में पानी की कमी महसूस होती रहती है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे द्वारा पिए गए पानी को शरीर अपने अंदर काम कर रहे अंगों जैसे कि लीवर किडनी गुर्दा फेफड़ा आत पाचन तंत्र को ठीक तरह से काम करने के लिए और पेट के अंदर बन रहे जहरीले और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और हमारे शरीर की कोशिकाओं को जिंदा रखने में मदद करता है।

अब सवाल यह उठता है कि हमें दिन भर में कितना पानी पीना चाहिए और हमारे शरीर में पानी की कमी हो गई है तो उसे कैसे पता लगाया जाए।

1 दिन में कितना पानी पीना चाहिए : पानी की कमी को कैसे पता लगाएं

पानी की कमी को पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप के पेशाब का पीला पड़ जाना आपका पेशाब जितना पीला होगा आपके शरीर में पानी की मात्रा उतनी कम होगी। पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है चेहरे की स्किन धीरे-धीरे सुखी ढीली और बेजान पड़ जाती है। और शरीर के अंदर कमजोरी महसूस होने लगती हैं। अगर पानी की सही मात्रा हमारे शरीर को ना मिले तो यह सारे लक्षण गंभीर बीमारियों का रूप ले सकते हैं। जिससे हमारे शरीर को काफी नुकसान हो सकता है।

हमारे शरीर को पानी की आवश्यकता इस बात पर निर्भर करता है कि हम किस वातावरण में रह रहे हैं क्या काम कर रहे हैं हमारी शारीरिक एक्टिविटी क्या है और हमारे शरीर की लंबाई चौड़ाई और आकार क्या है।

पानी कितना पीना चाहिए यह जाने से पहले हमें यह जानना जरूरी है कि पानी में क्या होता है और इसके क्या कार्य होते हैं पानी में 0 कैलोरीज होती हैं जीरो कैलोरी होने के बावजूद पानी हमारे शरीर के अंदर जाकर जहरीले पदार्थ और अपशिष्ट जैसे मल पसीना पेशाब को बाहर करता है जिसमें लगभग 2 लीटर पानी खर्च हो जाता है। इसलिए हमारे शरीर में पानी इतना जरूरी होता है कि चाहे खाए बिना कोई भी इंसान हफ्तों तक जिंदा रह सकता है पर पानी के लिए 2 दिन भी जीना मुश्किल हो जाता है।

एक सामान्य अवस्था में इस शरीर को औसतन ढाई से 3 लीटर पानी लीटर की आवश्यकता होती है जिसे एक नॉर्मल साइज के गिलास के से नापा जाएतो 8 से 12 ग्लास होता है। गर्मी के मौसम पसीना ज्यादा निकलता है तो पानी की मात्रा बढ़ाई जा सकती हैं वह व्यक्ति भी पानी की मात्रा को बढ़ा सकता है जो एक्सरसाइज करता है और दिनभर फिजिकल एक्टिविटीज में बिजी रहता है।

पानी पीने का सही तरीका क्या है?

कई लोगों को लगता है कि साधारण से दिखने वाले पानी को जब चाहे जहां चाहे जैसे चाहे पी सकते हैं। परंतु आप सभी को यह बता दें की पानी की पीने के अलग-अलग तरीके से हमारे शरीर को कई तरह का फायदा और नुकसान हो सकता है।

पानी को बैठकर धीरे धीरे मुंह में डालकर 4 से 5 सेकंड तक हूं मैं इधर-उधर हिलाकर कब पीना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से हमारे मुंह में मजे मौजूद लार जिसे अलका लाइन भी कहते हैं वह पानी में अच्छी तरीके से मिल जाता है और पेट में जाने के बाद पेट के एसिडिक प्रॉपर्टी को शांत करता है। जिससे पाचन शक्ति को बढ़ाने में बहुत मदद मिलती है।

जबकि पानी को जल्दी-जल्दी पीने से ऐसा नहीं हो पाता है और खड़े होकर और पानी को दूर करके पीने से हमारे शरीर के अंदर वातावरण में मौजूद अन्य गैसे भी पानी के साथ पेट के अंदर चली जाती हैं। जिससे भविष्य में जोड़ों का हो सकता है।

इसलिए पानी को बैठकर धीरे-धीरे और तीन से चार सांसों में ही पीना चाहिए। पानी को एक बार में एक या डेढ़ गिलास या फिर जितनी प्यास हो उतना ही पीना चाहिए ज्यादा पानी पीने से हमारा किडनी उसे ठीक तरह से फिल्टर नहीं कर पाता है और हमारा शरीर बिना उसे काम में लिए ही पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देता है।

पीने का पानी कैसा होना चाहिए?

पीने का पानी कैसा होना चाहिए यह भी हमारे स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। पीने का पानी हमेशा स्वच्छ और निर्मल होना चाहिए। पीने का पानी हल्का गर्म या फिर नॉर्मल होना चाहिए क्योंकि ठंडा पानी या फ्रिज का पानी पी लेने से हमारा शरीर पहले से गर्म करता है उसके बाद काम में लेता है।जब तक के हमारे शरीर की बहुत सारी एनर्जी पानी को गर्म करने में चली जाती है।

ठंडा पानी हमारे ग्रहण किए गए भोजन को टाइट कर देता है पाचन क्रिया सही तरीके से नहीं हो पाती वही हल्का गर्म और नॉर्मल पानी भोजन को तोड़ने में मदद करता है। और इसे हमारा शरीर तुरंत काम में ले लेता है।

पानी कब पीना है और कब नहीं पीना है?

यह ऐसी बातें हैं जिसमें इंसान अक्सर गलती कर देता है और पानी को गलत समय पर पी लेने से गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है।पानी कब पीना चाहिए इसके साथ यह जानना ज्यादा आवश्यक है कि पानी कब नहीं पीना चाहिए। 

1. खाना खाने से पहले खाना खाने के बाद या फिर खाना खाने के दौरान हमें ग्लास भरकर पानी बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए। हां आप खाना खाने से पहले एक या दो घूट पानी पी सकते हैं ऐसा करने से हमारा गला गीला हो जाता है और सूखा खाना भी आसानी से पेट में चला जाता है।

2.खाना खाने के दौरान या खाना खाने के बाद अधिक मात्रा में पानी पी लेने से हमारा खाया हुआ खाना बहुत ही पतला हो जाता है जिससे हमारे पेट के अंदर बन रहे एसिड खाने में अच्छी तरीके से मिल नहीं पाते हैं और पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है जिससे कब्ज एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है इसलिए पानी हमेशा खाना खाने के 45 मिनट से 1 घंटे के बाद ही पीना चाहिए।

3.रात को सोने से पहले या फिर रात को नींद में उठने पर हमें अधिक मात्रा में पानी नहीं पीना चाहिए क्योंकि रात के समय हमारे शरीर के अंदर के अंग धीमा काम करते हैं और ज्यादा पानी पी लेने की वजह से हमारी किडनी पर ज्यादा जोर पड़ता है और रात को पेशाब भी बार-बार लगता है जिससे आपकी नींद खराब हो जाती है

4.दो बार पानी पीने के बीच कम से कम 1 घंटे का समय देना चाहिए। क्योंकि पेशाब करके आने के तुरंत बाद पानी पी लेने से हमारी किडनी दोबारा से काम करना शुरू कर देती है जिससे उसे तनिक भी आराम नहीं मिलता है इससे किडनी की समस्या भी हो सकती है। जिससे आपको जल्दी जल्दी पेशाब करने जाना पड़ सकता है


5.किसी भी फल फ्रूट खीरा ककड़ी तरबूज खरबूजा खाने के बाद कभी पानी नहीं पीना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से खाई हुई चीज बहुत साफ हो जाते हैं और इसे पचाने में बहुत दिक्कत आती है कुछ लोगों को सर्दी जुकाम की भी समस्या हो जाती है। 

6.बहुत गर्म चीज जैसे कि सो जाए कॉफी खाने पीने के बाद तुरंत पानी नहीं पीना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से हमारे दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचता है।

7.जिस प्रकार किसी भी चीज को खाने से पहले हम अपनी थाली को धोकर खाते हैं। उसी प्रकार हमें सुबह उठने के बाद अपने पेट को धोना चाहिए या नहीं अपने पेट को साफ करना चाहिए सुबह उठकर हल्का गुनगुना पानी एक्सीडेंट गिलास पीना चाहिए जिससे हमारे पेट के अंदर जमा अपशिष्ट पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाए।

ज्यादा या कम पानी पीने से शरीर को क्या नुकसान है?

कुछ लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि ज्यादा या कम पानी पी लेने से क्या शरीर को कुछ नुकसान हो सकता है तो आप सभी को पता है कि किसी भी चीज का ज्यादा या कम सेवन कर लेने से हमारे शरीर को तो नुकसान होता ही है। अब चाहे वह पानी ही क्यों ना हो।

ज्यादा मात्रा में पानी पी लेने से हमारे महत्वपूर्ण अंग किडनी का काम बढ़ जाता है और हमारे खून में सोडियम की मात्रा कम हो जाती है।
परंतु ऐसा देखने को कम ही मिलता है क्योंकि हमारे शरीर को जिसने पानी की जरूरत होती है हम उतना भी पानी नहीं पी पाते हैं ऐसा नुकसान तब होता है जब एक सामान्य व्यक्ति 4 या 5 लीटर से भी ज्यादा पानी पी जाता है।

पानी को कम या ज्यादा पीने की वजह से हमारे शरीर में बहुत सारी समस्याएं पैदा हो जाती है जैसेकि अपचन,कब्ज, गैस, लिवर की कमजोरी, सुस्ती आना, गुर्दे की पथरी, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम हो जाना, बार बार बीमार पड़ जाना, स्किन एलर्जी, दाद, खाज, खुजली, चेहरे  निकलने वाली पिंपल्स, ब्लैक हेड्स, व्हाइट हेड्स, स्किन का बहुत ज्यादा ऑइली,और बहुत ज्यादा रुखा सुखा हो जाना, खाया पिया शरीर को ना लगना, जोड़ों में दर्द होना, शरीर की अनचाही जगहों पर चर्बी जमा होना, सर दर्द करना, चक्कर आना, वजन बढ़ाने या घटाने में दिक्कत महसूस करना इत्यादि।

Conclusion (निष्कर्ष):–

हमें आशा है कि आप सभी को पानी के द्वारा होने वाले हमारे शरीर में समस्याएं पानी के गुण पानी का हमारे शरीर के प्रति उपयोग जैसे कि पानी कब पीना चाहिए पानी कब नहीं पीना चाहिए पानी हमारे शरीर के लिए इतना जरूरी क्यों है के बारे में विस्तार पूर्वक बताया इसे आप अपने जीवन में फॉलो करें और अपने सेहत को बिगड़ने से बचाएं स्वस्थ रहें खुश रहें।
धन्यवाद

इन्हें भी पढ़ें:–



इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भोजन क्या है? सात्विक, राजसिक, तामसिक भोजन लिस्ट, लाभ और हानियां

नई जीमेल अकाउंट कैसे बनाये - Gmail login new account

अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े कुछ रोचक तथ्य: Difference between Rocket and Spacecraft