भोजन क्या है? सात्विक, राजसिक, तामसिक भोजन लिस्ट, लाभ और हानियां

भोजन क्या है? सात्विक, राजसिक, तामसिक भोजन लिस्ट, लाभ और हानियां 

इस पोस्ट के माध्यम से भोजन क्या है और भोजन के प्रकार सात्विक राजसिक और तामसिक भोजन क्या है और इनके आहार लिस्ट के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

भोजन क्या है? What Is Food?

वह खाद्य पदार्थ जिसे जीवित मनुष्य,प्राणी द्वारा ग्रहण किया जाता है जिसमें वसा प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट शर्कर जल इत्यादि प्रचुर मात्रा में पाई जाती हो‌ जिससे हमारे शरीर को ऊर्जा प्राप्त हो और हमारे शरीर की शारीरिक और मानसिक वृद्धि हो उसे "भोजन" कहा जाता है।

फूड डिक्शनरी के अनुसार, "वह पौष्टिक पदार्थ जो किसी जीव के शरीर में गृहीत व शोषित होकर उसकी वृद्धि का कार्य, टूट-फूट की मरम्मत और जीवित रहने की विभिन्न क्रियाओं को संचालित करता है, "भोजन" कहलाता है।

भोजन के प्रकार: सात्विक, राजसिक, तामसिक-आहार लिस्ट, लाभ हानि, गुण

भोजन का कार्य

भोजन शरीर में निम्नलिखित

 कार्य करता है:-

1. शारीरिक कार्य करने के लिए शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है

2. शरीर के जैविक कार्य से पूरा करने के लिए ऊर्जा देता है।

3. शरीर में उत्पन्न रोगों से रक्षा करता है।

4. शरीर में होने वाली क्रियाओं को नियंत्रण करता है

5. शरीर की वृद्धि, निर्माण तथा शरीर की टूट-फूट की मरम्मत में भाग लेता है।

6.शरीर को हष्ट पुष्ट तंदुरुस्त एवं स्वस्थ रखता है।

भोजन हमें दो प्राकृतिक साधनों से प्राप्त होता है।

1.वनस्पति।                  2.जीव जंतु

वनस्पति से प्राप्त होने वाले  भोज्य पदार्थ निम्न है:-

अनाज दालें सब्जियां औषधियां तेल मसाले इत्यादि

जीव जंतुओं से प्राप्त होने वाले भोज्य पदार्थ निम्न है:-

दूध मछली अंडा मांस शहद इत्यादि

भोजन कितने प्रकार का होता है (Bhojan Ke Prakar)

धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों के अनुसार भोजन तीन प्रकार का होता है:-

1. सात्विक भोजन  

2. राजसिक भोजन

3. तामसिक भोजन

सात्विक भोजन क्या है (Saatvik Food)

सात्विक यह शब्द संस्कृत के शब्द सत्र से लिया गया है जिसका अर्थ शुद्ध स्वच्छ ऊर्जावान बुद्धिवर्धक स्वास्थ्यवर्धक होता है। सात्विक भोजन उसे कहा जाता है जिसे हम पूजा पाठ करते वक्त भगवान के सामने चढ़ा सकते हैं। जिसे हमारे ऋषि मुनि ज्ञानी पंडित ब्रह्मचारी व्यक्ति ग्रहण करते हैं।

जिसमें भरपूर मात्रा में फाइबर फैट की मात्रा कम और शाकाहारी हो जो पूर्ण रूप से शुद्ध हो जिसे ग्रहण करने से मन को शांति शीतलताऔर सुख प्राप्त हो जिसे खाने से शारीरिक मजबूती स्वस्थ सेहत और लंबी आयु प्राप्त होती है उसे सात्विक भोजन कहते हैं।

सात्विक भोजन के लाभ और हानि सात्विक (भोजन के फायदे)

1. बीमारियों से कम खतरा:- सात्विक भोजन करने से लंबे समय तक रहने वाली बीमारियां जैसे हृदय रोग गुर्दा लीवर हाई ब्लड प्रेशर लो ब्लड प्रेशर इत्यादि बीमारियों का असर काफी हद तक कम हो जाती है।

2. वजन घटाने में मददगार:-  सात्विक भोजन फाइबर से भरपूर शाकाहारी आहार होता है इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती हैं। यह वजन घटाने में काफी मददगार होता है इस तरह का आहार लेने से Body Mass Index और Body Fat Index दोनों मांसाहारी की तुलना में कम होते हैं।

3. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद:- सात्विक भोजन में हरी पत्तेदार सब्जी अंकुरित अनाज कम मसालेदार सब्जियां कम तेल इत्यादि का उपयोग होता है जिससे पाचन तंत्र पर कम भार पड़ता है। खाना जल्दी पच जाता है जिससे एसिडिटी गैस की समस्या नहीं होती है।

4. शरीर की इम्युनिटी:- भोजन में आप क्या खा रहे हैं सिर्फ यही मायने नहीं रखता है आप किस समय खा रहे हैं किस मात्रा में खा रहे हैं यह भी मायने रखता है। प्रतिदिन एक ही टाइम पर और संतुलित भोजन करने से और नियमित रूप से प्राणायाम व्यायाम करने से शारीरिक इम्यूनिटी बढ़ती है।

सात्विक भोजन आहार लिस्ट (Satvik Aahar List)(Satvik Bhojan List)

साथी भोजन में आप क्या क्या खा सकते हैं इसकी जानकारी होना आपको बहुत ही आवश्यक है:-

सब्जियां जैसे पालक,पत्ता गोभी, मटर, गोभी, ब्रोकली, आलू, गाजर, आदि।

अनाज जैसे गेहूं, दलिया, जो, बाजरा, चावल, बार्ली, किनवा, इत्यादि।

फलों जैसे आम, सेब, केला, पपीता, चेरी, तरबूज, खरबूज, अमरूद, तथा ताजा फलों का जूस इत्यादि।

तेल जैसे जैतून का तेल, अलसी का तेल, तिल का तेल इत्यादि।

सुखा मेवा जैसे तिल, अलसी, सूरजमुखी का बीज,कद्दू का बीज, बादाम, अखरोट, नट इत्यादि।

दूध और दुग्ध उत्पाद जैसे अच्छी क्वालिटी का दूध, नारियल का दूध, काजू का दूध, बादाम का दूध इत्यादि।

दाल और फलियां जैसे अरहर दाल, मसूर दाल, मूंग दाल, काबुली चना, अंकुरित अनाज इत्यादि।

पेय पदार्थ जैसे पानी, फलों का जूस, बिना कैफ़ीन वाली वाली हर्बल चाय ।

मसाले जैसे धनिया, जीरा, मेथी, अदरक, हल्दी, दालचीनी, जायफल, इलायची, काली मिर्च इत्यादि।

मिष्ठान जैसे शहद और देसी गुड।

राजसिक भोजन क्या है (Rajsik Food) 

राजसिक भोजन का भोजन होता है जिसमें अधिक तेल अधिक मसाले तेज मिर्ची का प्रयोग किया जाता हैै। यह भोजन भी ताजा होता है इसका स्वाद तीखा कड़वा चटपटा और तीक्ष्ण होता है। राजसिक भोजन करने से शरीर में उत्तेजना का संचार होता है।

Rajsik Bhojan Kise Kahate Hai

राजसिक का अर्थ राजसिक शब्द का अर्थ होता है "रजोगुणी" अर्थात राजसी प्रवृत्ति रखने वाले लोग 

अर्थात राजसिक स्वभाव के व्यक्ति जिन्हें दूसरे व्यक्तियों को नीचा दिखाने में खुशी मिलती है जिन्हें अपने धन को दिखाने और अधिक धन कमाने की इच्छा रहती हैं। राजसिक भोजन करने वाले व्यक्ति कर्मशीलता में विश्वास करते हैं।

यह भोजन अधिकतर राजा महाराजा मजदूर व्यापारी खेल से संबंधित व्यक्ति राजनेता इत्यादि लोग ग्रहण करते हैं।राजसिक भोजन करने वाले व्यक्ति समृद्धि ऐश्वर्य भोग के पीछे अत्यधिक भागते हैं।

राजसिक भोजन करने से काम क्रोध  इत्यादि पैदा होते हैं। इससे हमारे शरीर की पाचन क्रिया पर असर होता है क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में वसा और गरम मसालों का उपयोग होता है। 

राजसिक आहार लिस्ट (Rajsik Bhojan List)

बैंगन, दही, चीज, पनीर,  कटु मशाला, पूरी, कचौरी, उरददाल  मसूर, चाय, कॉफी, चीनी, शक्कर, लाल मिर्च, मटर की दाल, चने की दाल, दुकानों पर बिकने वाले मिष्ठान, चाइनीस नाश्ते, तले भुने हुए नाश्ते, ठेलों पर बिकने वाले फास्ट फूड, इत्यादि चीजें राजसिक भोजन में आती हैं।

राजसिक भोजन करने से हमारे शरीर में फैट, मोटापा, शारीरिक कमजोरी, मानसिक कमजोरी, हाई ब्लड प्रेशर, लो ब्लड प्रेशर, लिवर, किडनी, गुर्दा, आदि शरीर के मुख्य अंगो का असमय खराब हो जाना ऐसे बहुत सारी हानियां होती है।

तामसिक भोजन किसे कहते है (Tamsik Food)

वह भोजन जिसे ग्रहण करने से हमारे मुख से दुर्गंध आती है उसे तामसिक भोजन कहते हैं। तामसिक भोजन बासी बदबूदार जला हुआ आधा पक्का होता है।तामसिक भोजन करने से हमारे शरीर की शारीरिक व मानसिक ऊर्जा क्षीण होती है। अर्थात इस भोजन से कोई भी ऊर्जा प्राप्त नहीं होती है।

तामसिक का अर्थ हिंदी में

तामसिक शब्द का अर्थ होता है "तमोगुणी"

अर्थात वह व्यक्ति जो आलसी प्रवृत्ति के होते है। जिनका हर कार्य अंधकार से संबंधित होता है।

तमोगुणी व्यक्ति को संसार की समझ नहीं होती। ऐसे व्यक्ति डरपोक अलसी उदासीन और असंवेदनशील स्वभाव के होते हैं। यह लोग कभी दूसरों का आदर सम्मान नहीं करते हैं।

ऐसे व्यक्ति के जीवन में लापरवाही द्वेष धोखाधड़ी और दूसरे की आलोचना करना दूसरे की गलती ढूंढना किसी दूसरे व्यक्ति से ईर्ष्या करना, स्वभाव होता है।

तामसिक आहार लिस्ट (Tamasic Food List)

प्याज, अदरक, लहसुन, मैदे से बने भोजन, नान, रुमाली रोटी, पेस्ट्री, केक, कोल्ड्रिंक, शराब, तंबाकू, पान, बीड़ी, गुटखा, वर्जित मांस, मछली, अंडा, चिप्स, कुरकुरे, पैकेट बंद खाना, आचार, जैम, इडली, डोसा, सैंडविच, इत्यादि भोजन तामसिक आहार में आते हैं।

तामसिक भोजन करने से पाचन तंत्र कमजोर एसिडिटी कब्ज हृदय रोग अत्यधिक कमजोरी हमारे शरीर में होती है।

Conclusion (निष्कर्ष):-

दोस्तों हमें आशा है कि आपको भोजन क्या है तामसिक राजसिक और सात्विक भोजन क्या होता है और उसमें कौन कौन सा भोजन खाया जाता है इसके बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई होगी। यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेंट करके अवश्य बताएं।

धन्यवाद 

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