अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े कुछ रोचक तथ्य: Difference between Rocket and Spacecraft

अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े कुछ रोचक तथ्य: Difference between Rocket and Spacecraft

दोस्तों अंतरिक्ष के एक जटिल विज्ञान को आज हम लोग सरल भाषा में जानेंगे। इसे पढ़ने के बाद आपको अंतरिक्ष विज्ञान के कई रोचक तथ्य (amazing facts about space in hindi) के बारे में पता चल जाएगा। 

आप लोग तो जानते ही होंगे कि बड़े-बड़े Space Centre के वैज्ञानिक अपने अंतरिक्ष यात्रियों को तैयार करके अंतरिक्ष में भेजकर Research करवाते है। वहां पर जाकर स्थाई वातावरण में Research करना थोड़ा सरल लगता है परंतु अंतरिक्ष तक जाना और वहां से फिर वापस आना यह बहुत कठिन कार्य होता है। जिसे आज हम सरल भाषा में समझेंगे।

दिवाली के दिन रॉकेट चलाने वाला हर व्यक्ति जानता होगा कि अंतरिक्ष तक पहुंचने के लिए रॉकेट का इस्तेमाल होता है। रॉकेट के अलावा अंतरिक्ष में जाने के लिए हम लोग एक नाम और सुनते हैं जिसे स्पेसक्राफ्ट कहते हैं। अब बहुत से लोग कहेंगे जब राकेट से अंतरिक्ष में पहुंचा जा सकता है स्पेसक्राफ्ट की क्या आवश्यकता है कहीं दोनों एक ही तो नहीं। इसलिए सबसे पहले हम लोग जान लेते हैं कि राकेट और स्पेसक्राफ्ट में क्या अंतर होता है ?

अंतरिक्ष से यात्रियों की वापसी कैसे होती है

रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट में क्या अंतर होता ?

रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट में सबसे बड़ा अंतर यह होता है कि रॉकेट एक बस के जैसे और स्पेसक्राफ्ट उस पर बैठे सवारी के जैसे काम करता है।
रॉकेट एक इंजन होता है जिसका कार्य उसमें रखे किसी भी वस्तु,सेटेलाइट को अंतरिक्ष के वायुमंडल तक पहुंचाना होता है।
स्पेसक्राफ्ट हवाई जहाज की तरह होता है। जिसमें अंतरिक्ष यात्री बैठे होते हैं और मिशन से जुड़े सभी Scientific Equipment रखे होते हैं। अंतरिक्ष में पहुंचने पर मुख्य कार्य स्पेसक्राफ्ट का ही होता है।

अंतरिक्ष तक पहुंचने के लिए रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट दोनों ही आवश्यक होते हैं। स्पेसक्राफ्ट को रॉकेट के साथ जोड़कर पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर भेज दिया जाता है। उसके आगे का कार्य स्पेसक्राफ्ट द्वारा ही किया जाता है।
इस प्रोसेस को बेहतर तरीके से समझने के लिए हम लोग पहले समझते हैं रॉकेट काम कैसे करता है ?

रॉकेट काम कैसे करता है ?

इंग्लैंड के महान वैज्ञानिक सर आइज़क न्यूटन जिन्होंने गुरुत्वाकर्षण और गति के नियम की खोज की। उनके गति के तीसरे नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया के समान विपरीत क्रिया होती है। रॉकेट इसी सिद्धांत पर कार्य करता है।

जिस तरह हवाई जहाज ईंधन से चलता है। उसी प्रकार राकेट को भी ईधन की आवश्यकता होती है। ढेर सारे ईंधन के जलने से गर्म कैसे निकलती है।  वह कैसे रॉकेट की बनावत की वजह से नीचे की तरफ निकलती है। ढेर सारी गैसों को एक साथ छोड़ने की वजह से जो Thrast(थ्रस्ट) निकलता है उसकी वजह से राकेट ऊपर उठने लगता है।

रॉकेट अंतरिक्ष में कैसे जाता है

एरोप्लेन धरती के वायुमंडल के बाहर नहीं उड़ता है क्योंकि एरोप्लेन को अपने ईंधन को जलाने के लिए हवा में मौजूद ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत रॉकेट अंतरिक्ष या बेहद कम दबाव वाली जगहों तक इसलिए उड़ता चला जाता है क्योंकि उसे अपने ईंधन को जलाने के लिए बाहरी ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती है वह  ईंधन को जलाने के लिए जरूरी ऑक्साइड को अपने साथ लेकर उड़ता है। 

रॉकेट के इंजन में दो तरह का इंधन इस्तेमाल किया जाता है

1. Liquid Propellant(ठोस ईंधन)

2. Solid Propellant(तरल ईंधन)

अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले लॉकेट में खास तौर पर Liquid Propellant का इस्तेमाल किया जाता है रॉकेट इंजन के अलावा रॉकेट के साथ दो बूस्टर राकेट भी लगे होते हैं जिसमें Solid Propellant का इस्तेमाल होता है जो रॉकेट को पृथ्वी की कक्षा से बाहर के निकालने में सहायता करते हैं। इनका इस्तेमाल पृथ्वी की कक्षा के भीतर ही किया जाता है।बूस्टर रॉकेट का ईधन खत्म होने के बाद यह मैं रॉकेट इंजन से अलग हो जाते हैं।

स्पेसक्राफ्ट क्या है और कैसे काम करता है ?

स्पेसक्राफ्ट की डिजाइन हवाई जहाज की तरह ही होती हैं। इसमें आगे की तरफ Controlling System होता है जिसे रॉकेट से अलग होने के बाद अंतरिक्ष यात्री खुद Control करते हैं और पीछे की तरफ अंतरिक्ष यात्रियों के रहने खाने सोने और मिशन में उपयोग होने वाले जरूरी Dcientific Equipment रखे होते हैं।

रॉकेट से अलग होने से पहले तक स्पेसक्राफ्ट और रॉकेट की सारा Controlling Navigation Ground बैठे स्पेशल वैज्ञानिक टीम करती है। इसके अंदर Advanced Technology की Machines Sensor लगी होते हैं जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को Research और Experiment करने में सहायता मिलती है। यहां तक आपने रॉकेट, स्पेसक्राफ्ट क्या होता है, Difference between Rocket and Spacecraft और ये अंतरिक्ष में कैसे जाते हैं यह जाना अब अंतरिक्ष से वापस कैसे आते हैं इसके बारे में आपको बताते हैं।

अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष से वापस पृथ्वी पर कैसे आते हैं?

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया की स्पेस में जाने के लिए रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट दोनों आवश्यक होता है। पर अंतरिक्ष तक पहुंचते-पहुंचते सिर्फ और सिर्फ स्क्रीन स्पेसक्राफ्ट ही अंतरिक्ष तक पहुंचता है और रॉकेट और उसमें लगे बूस्टर्स स्पेसक्राफ्ट से अलग हो जाते हैं। अंतरिक्ष से वापस आने के लिए सिर्फ स्पेसक्राफ्ट ही बचता है। 

सिर्फ इसके स्पेसक्राफ्ट से धरती पर वापस आना बहुत ही खतरनाक होता है। क्योंकि 17500 मील प्रति घटा की रफ्तार से पृथ्वी की तरफ आ रहे होते हैं। स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाते हुए वायुमंडल में प्रवेश करता है। जिससे तेज और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ता है। जो कि बहुत ही खतरनाक होता है। जिनके दबाव और घर्षण के कारण स्पेसक्राफ्ट में आग भी लग सकती हैं। वह जलकर राख हो सकता है।इस कंडीशन से बचने के लिए उसके ऊपरी सतह पर Heat Resistance चादर लगाई जाती है। किसी कारण से Heat Resistance चादर टूट जाए स्पेसक्राफ्ट का पृथ्वी पर वापस आना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। अब बारी आती है लैंडिंग की।

स्पेसक्राफ्ट की लैंडिंग

स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी की सतह के नजदीक आते-आते पृथ्वी के सतह के समांतर उड़ने लगता है इसकी लैंडिंग का प्रोसेस एरोप्लेन की लैंडिंग के समान ही होता है। इसके पहिए भी एरोप्लेन के पहिए के समान ही खुलते हैं। इसकी स्पीड नॉर्मल एरोप्लेन की स्पीड से कहीं ज्यादा होती है। इसलिए लैंडिंग के समय इसके पीछे के हिस्से से पैराशूट खुलता है।जो स्पेसक्राफ्ट की स्पीड को कंट्रोल करता है।

इस प्रकार अंतरिक्ष से वापस आने वाले अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित और सुविधाजनक लैंडिंग कराई जाती है।

Spacecraft Mercury, Gemini, Apollo, Suyoz की लैंडिंग समुद्र में कराई गई थी। जिसे Splashdown कहा जाता है।  इस लैंडिंग का इस्तेमाल बहुत कम ही किया जाता है। इससे अंतरिक्ष यात्रियों की जान पर खतरा रहता है और स्पेसक्राफ्ट के समुद्र में डूब जाने का खतरा बना रहता है।

Conclusion (निष्कर्ष):

हमें आशा है कि हमने आपको अंतरिक्ष के विज्ञान को सरल भाषा में समझाया और रॉकेट क्या है रॉकेट अंतरिक्ष में कैसे जाता है, स्पेसक्राफ्ट क्या है और अंतरिक्ष से यात्री अंतरिक्ष यात्री वापस कैसे आते हैं इन सब सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे, हमारे खास पोस्ट अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े कुछ रोचक तथ्य: Difference between Rocket and Spacecraft पर आपके सवाल और सुझाव के लिए कमेंट अवश्य करें। 

धन्यवाद

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